Mera Qaaeed hai Ahmed Raza Lyrics || Hafiz Tahir Qadri || Roman(Eng) & हिंदी(Hindi)
Roman(Eng):
Mere Raza Meethe Raza Sohne Raza Murshid Raza
Raza Raza Raza Raza Raza Raza
Raza Raza Raza Raza Raza Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Ghar Ghar Charaage Ishq jalaaya Raza ne hai
Imaan aur Aqeeda bachaaya Raza ne hai
Mera Murshid hai Raza Raza Rehbar hai Raza Raza
Qaaeed hai Raza Raza, Mohseen hai Raza Raza
Socha hai Raza Raza, Likkha hai Raza Raza
Samja hai Raza Raza, Karna hai Raza Raza
Jab Jab Qalam uthaaya likhi Shaane Mustafa
Gairon ke Haq mein Isne kabhi kuchh nahin likha
Wo hai Imaame Ishqo Mahobbat hai Ba-wafaa
Ishqe Nabi ka Jaam Pilaaya Raza ne hai
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Aale Nabi ki Jis Gadi khushbu Inhein mili
Izzat ki Inki Aapne, rukwaee Paalki
Kaandhe pe Inko rakh ke Gumaaya Gali Gali
Kya hai Adab Ye Hamko sikhaaya Raza ne hai
Hai Atal faisala, Sirf Naara nahin
Jo Raza ka nahin Wo Hamara nahin
Khol kar Kaan sunle Aye Gustaakhe Deen
Tu bhi Sun le Aye Shaitaan ke Hamnasheen
Koi rishta Hamara Tumhara nahin
Jismein Hubbe Ali ka ho Daawa fakat
Wo Jo baaki Sahaaba ko samje galat
Usne Imaan Dil mein utaara nahin
Jo Raza ka nahin Wo Hamara nahin
Ahle Imaan Zaruri hai Hubbe Nabi
Baad Inke na aayega koi Nabi
Ispe Samjo Daraagib gawaara nahin
Jo Raza ka nahin Wo Hamara nahin
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Gustaakhe Mustafa se na koi raabta rakkho
Chaahe wo Baap Bhai ya koi Azeez ho
Bhejo Salaam Aaqa pe Naatein padha karo
Kya khoob Ishq Hamko sikhaaya Raza ne hai
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Raza Bareli mein gar aaya na hota
Allah hi jaane Hind mein fir haal kya hota
Munkir Nabi ke Deen ke sab cheekhne lage
Jis Dam Qalam ko Apni Uthaaya Raza ne hai
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
De kar Fataawa Razwiyya Haq par chalaa diya
Gumraah Bad-Aqeedon se Ham ko bachaa diya
Har Ek ko Nabi ka Deewana bana diya
Jannat ke Raaste pe chalaaya Raza ne hai
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Shauqe Fareedi, Saife Umar Iska hai Qalam
Tehreer se hai Iski Adoo ke Dilon mein Gam
Lehraake Ishqe Shaah ka Charon Taraf Alam
Aadaa-E-Deen ka Qal-aa giraaya Raza ne hai
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Qaaeed hai Ahmed Raza
Mera Murshid hai Raza Raza Rehbar hai Raza Raza
Qaaeed hai Raza Raza, Mohseen hai Raza Raza
Socha hai Raza Raza, Likkha hai Raza Raza
Samja hai Raza Raza, Karna hai Raza Raza
हिंदी(Hindi):
मेरे रज़ा, मीठे रज़ा, सोहने रज़ा, मुर्शीद रज़ा
रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा
रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
घर घर चरागे इश्क़ जलाया रज़ा ने है
ईमान और अक़ीदा बचाया रज़ा ने है
मेरा मुर्शीद है रज़ा रज़ा, रहबर है रज़ा रज़ा
क़ाइद है रज़ा रज़ा, मोहसीन है रज़ा रज़ा
सोचा है रज़ा रज़ा, लिक्खा है रज़ा रज़ा
समजा है रज़ा रज़ा, करना है रज़ा रज़ा
जब जब क़लम उठाया लिक्खी शाने मुस्तफा
गैरों के हक़ में इसने कभी कुछ नहीं लिखा
वो है इमाने इश्को महोब्बत है बावफ़ा
इश्क़े नबी का जाम पिलाया रज़ा ने है
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
आले नबी की जिस गड़ी खुशबु इन्हें मिली
इज़्ज़त की इनके आपने, रुकवाई पालकी
काँधे पे इनको रख के गुमाया गली गली
क्या है अदब ये हमको सिखाया रज़ा ने है
है अटल फैसला, सिर्फ नारा नहीं
जो रज़ा का नहीं वो हमारा नहीं
खोल कर कान सुनले अये गुस्ताखी दीं
तू भी सुनले अये शैतान के हमनशीं
कोई रिश्ता हमारा तुम्हारा नहीं
जिसमें हुब्बे अली का हो दावा फकत
वो जो बाकी सहाबा को समजे गलत
उसने ईमान दिल में उतारा नहीं
जो रज़ा का नहीं वो हमारा नहीं
अहले इमां ज़रूरी है हुब्बे नबी
बाद इनके न आएगा कोई नबी
इस्पे समजो दरागिब गवारा नहीं
जो रज़ा का नहीं वो हमारा नहीं
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
गुस्ताखे मुस्तफा से न कोई राब्ता रक्खो
चाहे वो बाप भाई या कोई अज़ीज़ हो
भेजो सलाम आक़ा पे नाते पड़ा करो
क्या खूब इश्क़ हमको सिखाया रज़ा ने
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा रज़ा गर बरेली में आया न होता
अल्लाह ही जाने हिन्द में फिर हाल क्या होता
मुनकिर नबी के दीन के सब चीखने लगे
जिस दम क़लम को अपनी उठाया रज़ा ने है
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
दे कर फतावा रज़विय्या हक़ पर चला दिया
गुमराह बद-अक़ीदों से हमको बचा दिया
हर एक को नबी का दीवाना बना दिया
जन्नत के रास्ते पे चलाया रज़ा ने है
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
शौक़े फरीदी, सैफे उमर इसका है क़लम
तहरीर से है इसकी अदू के दिलों में गम
लेहराके इश्क़े शाह के चरों तरफ अलम
आ'दा-इ-दीं का कल'आ गिराया रज़ा ने है
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा क़ाइद है अहमद रज़ा
मेरा मुर्शीद है रज़ा रज़ा, रहबर है रज़ा रज़ा
क़ाइद है रज़ा रज़ा, मोहसीन है रज़ा रज़ा
सोचा है रज़ा रज़ा, लिक्खा है रज़ा रज़ा
समजा है रज़ा रज़ा, करना है रज़ा रज़ा
क़ाइद है रज़ा रज़ा, मोहसीन है रज़ा रज़ा
सोचा है रज़ा रज़ा, लिक्खा है रज़ा रज़ा
समजा है रज़ा रज़ा, करना है रज़ा रज़ा
Comments
Post a Comment