Kya batau ki kya Madina hai lyrics / क्या बताऊँ की क्या मदीना है

क़ल्ब को उसकी रुइयत की है आरज़ू
जिसका जलवा है 'आलम में हर चार-सू
बल्कि ख़ुद नफ़्स में है वो सुब्हानहु
'अर्श पर है मगर 'अर्श को जुस्तजू
अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु, अल्लाहु अल्लाहु
'अर्श-ओ-फ़र्श-ओ-ज़मान-ओ-जिहत ऐ ख़ुदा!
जिस तरफ़ देखता हूँ है जलवा तेरा
ज़र्रे-ज़र्रे की आँखों में तू ही ज़िया
क़तरे-क़तरे की तू ही तो है आबरू
अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु, अल्लाहु अल्लाहु
तू किसी जा नहीं और हर जा है तू
तू मुनज़्ज़ा मक़ाम से मुबर्ऱज सू
'इल्म-ओ-क़ुदरत से हर जा है तू कू ब कू
तेरे जलवे हैं हर हर जगह ऐ 'अफ़ू
अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु, अल्लाहु अल्लाहु
सारे आलम को है तेरी ही जुस्तजू
जिन-ओ-इंस-ओ-मलक़ को तेरी आरज़ू
याद में तेरी हर एक है सु-बा-सू
बन में वहशी लगाते हैं ज़रबात-ए-हु
अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु, अल्लाहु अल्लाहु
नग़्मा सुञ्जान-ए-गुलशन में चर्चा तेरा
चहचहाहे ज़िक्र-ए-हक़ के हैं सुब्ह-ओ-मसां
अपनी अपनी चहक, अपनी अपनी सदा
सबका मतलब है वाहिद के वाहिद है तू
अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु, अल्लाहु अल्लाहु
ताइरान-ए-जिना में तेरी गुफ्तगू
गीत तेरे ही गाते हैं वो ख़ुश-गुलू
कोई कहता है हक़, कोई कहता है हु
और सब कहते हैं ला-शरीक-ला-हु
अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु, अल्लाहु अल्लाहु
ख़्वाब-ए-नूरी में आए जो नूर-ए-ख़ुदा
बक़ा'आ नूर हो अपना ज़ुल्मत-कदा
जगमगा उठे दिल, चेहरा हो पुर-ज़िया
नूरियों की तरह शग़ल हो ज़िक्र-ए-हु
अल्लाहु अल्लाहु अल्लाहु, अल्लाहु अल्लाहु
قلب کو اُسکی رُؤیت کی ہے آرزو
جسکا جلوہ ہے عالم میں ہر چار سُو
بلکہ خود نفس میں ہے وہ سُبحانُہ
عرش پر ہے مگر عرش کو جُستجو
اللہُ اللہُ اللہُ، اللہُ اللہُ
عرش و فرش و زماں و جہت اے خدا!
جس طرف دیکھتا ہوں ہے جلوہ تیرا
ذرّے ذرّے کی آنکھوں میں تُو ہی ضیاء
قطرے قطرے کی تُو ہی تو ہے آبرو
اللہُ اللہُ اللہُ، اللہُ اللہُ
تُو کسی جا نہیں اور ہر جا ہے تُو
تُو مُنزّہ مکان سے مُبرّج سُ
علم و قدرت سے ہر جا ہے تُو کُو ب کُو
تیرے جلوے ہیں ہر ہر جگہ اے عَفو
اللہُ اللہُ اللہُ، اللہُ اللہُ
سارے عالم کو ہے تیری ہی جُستجو
جن و انس و ملَک کو تیری آرزو
یاد میں تیری ہر ایک ہے سُبا سُ
بن میں وحشی لگاتے ہیں ضرباتِ ہُو
اللہُ اللہُ اللہُ، اللہُ اللہُ
نغمہ سُنجانِ گلشن میں چرچا تیرا
چہچہاہے ذکرِ حق کے ہیں صُبح و مسا
اپنی اپنی چہک، اپنی اپنی صدا
سب کا مطلب ہے واحد کے واحد ہے تُو
اللہُ اللہُ اللہُ، اللہُ اللہُ
طائرانِ جنا میں تیری گفتگو
گیت تیرے ہی گاتے ہیں وہ خوشگُلو
کوئی کہتا ہے حق، کوئی کہتا ہے ہُو
اور سب کہتے ہیں لا شریک لہُ
اللہُ اللہُ اللہُ، اللہُ اللہُ
خوابِ نوری میں آئے جو نورِ خدا
بقاء نُور ہو اپنا ظلمت کدا
جگمگا اٹھے دل، چہرہ ہو پُر ضیاء
نوریوں کی طرح شغل ہو ذکرِ ہُو
اللہُ اللہُ اللہُ، اللہُ اللہُ
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